बरखा इस बार मैं भी धो लूँ अपना मन तेरे आंचल से , तू आये रीत रुत की निभाने बहे नदि बरखा इस बार मैं भी धो लूँ अपना मन तेरे आंचल से , तू आये रीत रुत की निभाने...
कभी-कभी मेरा हाथ थामे साथ चलते-चलते तुम्हारी निगाह कहीं शून्य में अटक जाती है। कभी-कभी मेरा हाथ थामे साथ चलते-चलते तुम्हारी निगाह कहीं शून्य में...
मैं भी भारत तू भी भारत, मैं और तुम में सिमटता भारत, मैं भी भारत तू भी भारत, मैं और तुम में सिमटता भारत,
""मैं एक मजदूर हूं "" (लॉकडाउन के दौरान) ""मैं एक मजदूर हूं "" (लॉकडाउन के दौरान)
चाँद के हाथों में देखो क्या है नींद की डिबिया सपनों का जादू है चाँद के हाथों में देखो क्या है नींद की डिबिया सपनों का जादू है
दिल बनके धड़की बनारस की गली में दिल बनके धड़की बनारस की गली में